BIMSTEC Summit 2025: थाईलैंड में डिनर के दौरान एक साथ बैठे पीएम मोदी और बांग्लादेश सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस – pm modi and bangladesh chief advisor muhammad yunus spotted together at bimstec dinner at thailand dinner
PM Modi Thailand Visit News Updates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस बैंकॉक के बिम्सटेक (BIMSTEC) समूह के नेताओं के लिए आयोजित रात्रिभोज में एक साथ बैठे नजर आए। थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनवात्रा ने इस भोज की मेजबानी की। यूनुस के कार्यालय ने कुछ तस्वीरें शेयर कीं, जिसमें चाओ फ्राया नदी के तट पर स्थित होटल ‘शांगरी-ला’ में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख को पीएम मोदी के बगल में बैठे देखा जा सकता है।पीएम मोदी शुक्रवार को बैंकॉक में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के साथ वार्ता कर सकते हैं। पिछले साल अगस्त में प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़कर भारत आने के बाद पीएम मोदी-यूनुस के बीच यह पहली मुलाकात होगी। पीटीआई के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन से इतर होने की संभावना है।पीएम मोदी की यूनुस से मुलाकात इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि हसीना के सत्ता से बाहर होने और उस देश में अल्पसंख्यकों पर हमलों के बाद से भारत और बांग्लादेश के संबंधों में खटास आई है। यह मुलाकात यूनुस की हाल की चीन यात्रा की पृष्ठभूमि में भी अहम है, जहां उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र के बारे में कुछ टिप्पणियां की थीं, जो भारत को पसंद नहीं आईं।संबंधित खबरेंभारत और थाईलैंड ने अपने संबंधों को प्रगाढ़ कर रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का गुरुवार को फैसला किया। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मुक्त, समावेशी एवं नियम आधारित व्यवस्था का समर्थन करते हैं। साथ ही विस्तारवाद के बजाय विकास की नीति में विश्वास करते हैं।पीएम मोदी ने यह टिप्पणी थाईलैंड की अपनी समकक्ष पैतोंगतार्न शिनावात्रा के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फेंस में की। इस वार्ता के दौरान उन्होंने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा की। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्य उद्योग (एमएसएमई), हथकरघा और हस्तशिल्प में सहयोग के लिए भी समझौते किए गए हैं।द्विपक्षीय वार्ता में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी मौजूद थे। वार्ता के दौरान दोनों देशों की एजेंसियों ने मानव तस्करी और अवैध प्रवास से निपटने के लिए मिलकर काम करने पर भी सहमति जताई। थाईलैंड ने हाल ही में म्यांमा में फर्जी नौकरी गिरोह के चंगुल में फंसे 549 भारतीय नागरिकों को वापस लाने में भारत की मदद की थी।प्रधानमंत्री ने कहा, “हमने साइबर अपराध के शिकार भारतीयों की वापसी में सहयोग देने के लिए थाईलैंड सरकार का आभार व्यक्त किया। हमने इस बात पर सहमति जताई कि हमारी एजेंसियां मानव तस्करी और अवैध प्रवास से निपटने के लिए मिलकर काम करेंगी।”ये भी पढ़ें- Waqf Amendment Bill: वक्फ बिल पर बहस के दौरान ‘वॉशरूम ब्रेक’ ने कांग्रेस को किया शर्मसार, जानें- आखिर क्या है पूरा माजरापीएम मोदी ने कहा कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण में थाईलैंड का विशेष स्थान है। उन्होंने कहा, “आज हमने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। सुरक्षा एजेंसियों के बीच ‘रणनीतिक वार्ता’ स्थापित करने पर भी चर्चा हुई।”प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आसियान में एकता और केंद्रीयता का पूर्ण समर्थन करता है। PM मोदी ने कहा, “हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हम दोनों एक मुक्त, समावेशी और नियम-आधारित व्यवस्था का समर्थन करते हैं। हम विस्तारवाद नहीं, विकासवाद की नीति में विश्वास करते हैं।” PM मोदी ने 28 मार्च को आए भूकंप के कारण हुई जानमाल की हानि पर भारतीयों की ओर से संवेदना भी व्यक्त की।