FY25 में 800 अरब डॉलर को पार कर सकता है भारत का निर्यात, मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट फ्लैट रहने का अनुमान – indias goods and services exports are estimated to have crossed 800 billion dollar in fy25
देश के माल और सेवा निर्यात (Goods and Services Exports) के वित्त वर्ष 2024-25 में 800 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर जाने का अनुमान है। हालांकि मर्चेंडाइज का एक्सपोर्ट स्थिर रहेगा। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, ऐसा सूत्रों का कहना है। वित्त वर्ष 2024-25 के एक्सपोर्ट और इंपोर्ट के आंकड़े वाणिज्य मंत्रालय की ओर से 15 अप्रैल को जारी किए जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश के मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण इस साल फरवरी में भारत का निर्यात लगातार चौथे महीने घटकर 36.91 अरब डॉलर रहा। आयात भी कम होकर 50.96 अरब डॉलर पर आ गया। फरवरी में देश का व्यापार घाटा कम होकर 14.05 अरब डॉलर रह गया।अप्रैल 2024-फरवरी 2025 के दौरान कितना एक्सपोर्टसंबंधित खबरेंअप्रैल 2024-फरवरी 2025 के दौरान भारत का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट 395.63 अरब डॉलर का रहा। एक साल पहले इसी अवधि में यह 395.38 अरब डॉलर था। अप्रैल 2024-फरवरी 2025 के दौरान देश का सर्विस एक्सपोर्ट की अनुमानित वैल्यू 354.90 अरब डॉलर रही। एक साल पहले यह 311.05 अरब डॉलर थी। कुल एक्सपोर्ट की बात करें तो अप्रैल 2024-फरवरी 2025 के दौरान मर्चेंडाइज और सर्विसेज का एक्सपोर्ट सालाना आधार पर 6.24 प्रतिशत बढ़कर 750.53 अरब डॉलर हो गया। एक साल पहले इसी अवधि में यह 706.43 अरब डॉलर था।अमेरिकी टैरिफ से निपटने के लिए भारतीय एक्सपोर्टर बेहतर स्थिति मेंएक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, कहा जा रहा है कि अमेरिका की ओर से लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ से निपटने के लिए भारतीय एक्सपोर्टर, अधिक टैरिफ का सामना कर रहे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कहीं बेहतर स्थिति में हैं। अमेरिका के टैरिफ लगाने से प्रभावित होने वाले झींगा जैसे क्षेत्रों को निर्यात बढ़ाने के लिए यूरोपीय संघ जैसे नए बाजारों की तलाश करनी होगी। अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत जारी होने से भारत मौजूदा हालात से निपटने के लिए कहीं बेहतर स्थिति में है।Trump Tariff Effect: मनमानी नहीं कर पाएगा चीन, अमेरिकी टैरिफ के ऐलान से पहले ही भारत रेडी2 अप्रैल से अमेरिका ने अपने यहां आने वाले भारतीय सामानों पर 26 प्रतिशत का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है। वहीं वियतनाम को 46 प्रतिशत, चीन को 34 प्रतिशत, इंडोनेशिया को 32 प्रतिशत और थाइलैंड को 36 प्रतिशत के नए टैरिफ का सामना करना पड़ा है। चीन पर इस साल पहले ही 20 प्रतिशत के अतिरिक्त टैरिफ लगाए जा चुके हैं। इस तरह चीन पर नए अमेरिकी टैरिफ का कुल आंकड़ा 54 प्रतिशत हो गया है।