ट्रेंडिंग
Coconut Buying Tips: बिना तोड़े जानें नारियल में है मलाई या पानी, बस फॉलो करें ये टिप्स - coconut bu... RBI MPC: 7 अप्रैल से होगी मीटिंग, क्या इस बार भी ब्याज दरों में मिलेगी राहत? - rbi mpc meeting april... Gold Price में क्यों आई बड़ी गिरावट, किस वजह से सोना बेच रहे लोग? - gold price drops after record hi... किंग कोबरा से 100 गुना जहरीला है यह छोटा जीव, आकार सिर्फ 1 सेंटी मीटर, अब तक वैज्ञानिक नहीं बना पाए ... टॉप 10 कंपनियों में से 9 का m-cap ₹2.94 लाख करोड़ घटा, TCS ने झेला सबसे ज्यादा नुकसान - combined mar... Jacqueline Fernandez Mother Death: जैकलीन फर्नांडीस की मां का स्ट्रोक से निधन, मुंबई के लीलवती अस्पत... Tata Capital IPO: शेयर बाजार में लिस्टिंग की क्या है डेडलाइन; जानिए इश्यू साइज, शेयर बिक्री, कारोबार... TCS Q4 Results: इस दिन जारी होंगे Tata Consultancy Services के मार्च तिमाही के नतीजे, डिविडेंड का भी... Dickinsonia: पहला जानवर या कोई रहस्यमयी आकृति? जानिए डिकिंसोनिया की हकीकत - dickinsonia 558 million ... Trump Tariff Impact: Ray-Ban के चश्मे से लेकर कॉफी कैप्सूल और विग तक, अमेरिकियों के लिए कई चीजों के ...

ITR Filing: आयकर रिटर्न डालने के लिए सीनियर सिटीजन के लिए कौन सा फॉर्म, ऐसे दूर करें कनफ्यूजन – itr filing income tax return forms applicable for senior citizens and super senior citizens choose wisely

9

वित्त वर्ष 2024-25 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की डेडलाइन करीब आ रही है। ऐसे में करदाताओं के लिए जितना जल्दी हो सके, यह पता लगाना जरूरी है कि उन्हें कौन सा ITR फॉर्म भरना है। इस कवायद के तहत सीनियर सिटीजन और सुपर सीनियर सिटीजन टैक्सपेयर भी आते हैं। उन्हें भी उनके लिए तय नियमों और कायदों को समझना होगा। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 31 मार्च, 2025 तक किए गए टैक्स सेविंग इनवेस्टमेंट, ITR में शामिल किए जा सकते हैं।सीनियर सिटीजन 60 साल या इससे अधिक उम्र के व्यक्ति होते हैं, वहीं सुपर सीनियर सिटीजन की कैटेगरी में 80 साल या इससे ज्यादा उम्र के व्यक्ति आते हैं। वैसे तो इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 194P के तहत कुछ शर्तों के अंतर्गत सीनियर सिटीजंस को ITR फाइल करने से छूट है। ये शर्तें इस तरह हैं… आयु 75 वर्ष या उससे अधिक है कुल आय में केवल पेंशन और ब्याज आय शामिल है। ब्याज आय उसी बैंक में रखे गए किसी भी खाते से हो सकती है, जिसमें सीनियर सिटीजन की पेंशन आती है। सीनियर सिटीजन ने बैंक को एक डिक्लेरेशन दिया हो आयकर कानून के सेक्शन 194P के तहत ऐसे बैंक की ओर से टीडीएस काटा जाता हो अगर नहीं आ रहे इन शर्तों के दायरे मेंसंबंधित खबरेंइन शर्तों के दायरे में नहीं आने वाले सीनियर सिटीजंस को ITR फाइल करना होगा। ऐसे में उनके लिए कौन सा फॉर्म सही रहेगा। यह उनकी इनकम कैटेगरी पर बेस्ड है। आयकर विभाग की वेबसाइट पर मौजूद डेटा के मुताबिक, सीनियर सिटीजन के लिए 4 तरह के ITR फॉर्म मौजूद हैं…1. ITR-1 (सहज) – केवल व्यक्ति के लिए लागूयह फॉर्म ऐसे व्यक्तियों के लिए है] जिनकी सैलरी/पेंशन, एक हाउस प्रॉपर्टी और अन्य इनकम सोर्सेज जैसे- ब्याज, फैमिली पेंशन, डिविडेंड आदि से और 5000 रुपये तक की कृषि आय मिलाकर कुल आय 50 लाख रुपये तक है। इस फॉर्म का इस्तेमाल ऐसे व्यक्ति द्वारा नहीं किया जा सकता जो:(a) किसी कंपनी में डायरेक्टर है(b) जिसके पास पूर्व वर्ष के दौरान किसी भी समय किसी भी नॉन-लिस्टेड इक्विटी शेयर रहे हों(c) जिसके पास भारत से बाहर स्थित कोई भी संपत्ति (किसी भी संस्था में वित्तीय हित सहित) है(d) जिसके पास भारत से बाहर स्थित किसी भी खाते में साइन करने का अधिकार है(e) जिसके पास भारत से बाहर किसी भी सोर्स से आय है(f) जिसके मामले में टैक्स सेक्शन 194N के तहत काटा गया है(g) जिसके पेमेंट का मामला या टैक्स की कटौती को ESOP पर स्थगित कर दिया गया हैऐसे व्यक्ति जो ITR-1 के लिए पात्र नहीं हैं, उनके लिए और HUF यानि हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली के लिए यह फॉर्म लागू है। उनकी इनकम बिजनेस या प्रोफेशन के हेड प्रॉफिट्स या गेंस के तहत नहीं होती हो।यह ऐसे व्यक्ति और HUF के लिए लागू है, जिनकी इनकम बिजनेस या प्रोफेशन के हेड प्रॉफिट्स या गेंस के तहत आती हो। ये लोग ITR-1, 2 या 4 फाइल करने के लिए पात्र न हों।यह फॉर्म ऐसे व्यक्ति, HUF के लिए लागू है, जो सामान्य रूप से निवासी न होने के अलावा निवासी है। साथ ही रेजिडेंट फर्म (LLP के अलावा) के लिए लागू है। ये ऐसे लोग होने चाहिए, जिनकी बिजनेस और प्रोफेशन के अलावा सैलरी/पेंशन, एक हाउस प्रॉपर्टी और अन्य इनकम सोर्सेज जैसे- ब्याज, फैमिली पेंशन, डिविडेंड आदि से और 5000 रुपये तक की कृषि आय मिलाकर कुल आय 50 लाख रुपये तक है। कारोबार/प्रोफेशन से इनकम की कैलकुलेशन सेक्शन 44AD/44ADA/44AE के तहत अनुमानित आधार पर की जाती हो।ITR-4 उस व्यक्ति पर लागू नहीं होगा जो: किसी कंपनी में डायरेक्टर है जिसके पास पूर्व वर्ष के दौरान किसी भी समय किसी भी नॉन-लिस्टेड कंपनी में इक्विटी शेयर रहे हों जिसके पास भारत से बाहर स्थित कोई भी एसेट (किसी भी संस्था में वित्तीय हित सहित) है जिसके पास भारत से बाहर स्थित किसी भी खाते में साइन करने का अधिकार है जिसके पास भारत से बाहर किसी भी सोर्स से आय है जिसके पेमेंट का मामला या टैक्स की कटौती को ESOP पर स्थगित कर दिया गया है कुल आय 50 लाख रुपये से अधिक है याद रहे कि ITR-4 (सुगम) अनिवार्य नहीं है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.