ट्रेंडिंग
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI ने करोड़ों ग्राहकों को दिया झटका! बंद की 400 दिनों में अमीर बनाने व... Trump Reciprocal Tariff: ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ से क्या इंडियन कंपनियों को बड़ा फायदा होने जा रहा... Gold Rate Today: छठे नवरात्रि के दिन रिकॉर्ड हाई से गिरा सोना, 1,600 रुपये हुआ सस्ता, जानिये क्या रह... अरबपतियों के बच्चों के बनाए लग्जरी ब्रांड असली स्टार्टअप नहीं हैं: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल - luxu... Indian Railways: यात्री हो जाएं अलर्ट, इस बड़े रेलवे स्टेशन पर 20 ट्रेनें न आ रही और न ही जा रही, जा... Trump tariff tantrum: ट्रंप के टैरिफ कहर से निपटने के लिए क्या हो रिटेल निवेशकों कि रणनीति? - trump ... Bihar News: वक्फ मुद्दे पर JDU में उथल-पुथल! CM नीतीश कुमार के रुख से नाराज दो दिग्गज नेताओं ने दिया... Mazagon Dock Shares: मझगांव डॉक का शेयर बाजार खुलते ही धड़ाम, 6% टूटा भाव, सरकार ने 4.8% हिस्सेदारी ... Manoj Kumar Death: देश भक्ति का अलख जगाने वाले मनोज कुमार की कौन थी पहली फिल्म? इस मूवीज के लिए सब क... केंद्रीय कर्मचारी ले सकते हैं यूनिफाइड पेंशन स्कीम, यहां जानें कैसे करना होगा NPS से UPS में माइग्रे...

म्यूचुअल फंडों ने 6 दिन में बेचे ₹16,000 करोड़ के शेयर, अभी कैश में रखा है करीब ₹1.5 लाख करोड़ – mutual funds offload shares worth over rs 16000 crore in just six sessions

3

Mutual Funds: म्यूचुअल फंड्स ने पिछले हफ्ते लगातार 6 दिनों तक शेयर बाजार में बिकवाली की। सूत्रों ने बताया कि भारतीय शेयर बाजार में आई हालिया तेजी का फायदा उठाते हुए, म्यूचुअल फंड्स ने मुनाफा वसूली किया है। 20 से 28 मार्च के बीच म्यूचुअल फंड ने 16,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि यह मुनाफावसूली का संकेत है, क्योंकि मार्च में सेंसेक्स और निफ्टी में 6 फीसदी तक की शानदार तेजी आई थी। हालांकि इसके उलट वे महीने की शुरुआत में शुद्ध खरीदार थे। 1 से 19 मार्च तक उन्होंने करीब 22,900 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।सेंसेक्स और निफ्टी में मार्च महीने के दौरान क्रमशः 5.8% और 6.3% की तेजी रही। वहीं बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 7.6% और 8.3% की बढ़त देखी गई।म्यूचुअल फंड्स ने यह बिकवाली ऐसे समय में की है, जब उनके पास पहले से ही काफी कैश पड़ा हुआ है। जनवरी में एक्टिव फंड्स में म्यूचुअल फंड्स की कैश होल्डिंग्स 1.42 लाख करोड़ रुपये थी, जो फरवरी 2025 में बढ़कर 1.46 लाख करोड़ रुपये हो गई।संबंधित खबरेंएक्सपर्ट्स का कहना है कि यह कैश होल्डिंग्स बताता है कि फंड मैनेजर्स अभी शेयर बाजार के वैल्यूएशन को लेकर सतर्क बने हुए हैं। साथ ही वे बाजार की चाल को लेकर अभी भी अनिश्चितता महसूस कर रहे हैं। सेंसेक्स और निफ्टी अपने पीक से 12 फीसदी तक नीचे आ चुके हैं। हलांकि फंड मैनेजर्स अभी भी ट्रंप के टैरिफ ऐलानों, ग्लोबल इकोनॉमी की स्थिति और भू-राजनीतिक तनावों के चलते अधिक स्पष्टता आने का इंतजार कर रहे हैं।चॉइस वेल्थ के वाइस-प्रेसिडेंट निकुंज सराफ ने इस बात पर जोर डाला कि इस सतर्क रुख के पीछे मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भारी बिकवाली है, जहां मूल्यांकन काफी ऊंचे स्तरों तक बढ़ गया था। हालांकि, म्यूचुअल फंड्स की कैश होल्डिंग्स में बढ़ोतरी किसी तरह के बेयरिश रुख का संकेत नहीं है, बल्कि यह एक सोचा समझा रिस्क मैनेजमेंट है। फंड मैनेजर्स बाजार में अधिक स्पष्टता आने का इंतजार कर रहे हैं ताकि सही समय पर निवेश को फिर से बढ़ाया जा सके।म्यूचुअल फंड्स ने इस साल ₹1 लाख करोड़ से अधिक के शेयर खरीदे2025 में अब तक म्यूचुअल फंड्स भारतीय शेयर बाजार में ₹1.08 लाख करोड़ का निवेश कर चुके हैं। इससे पहले 2024 में उन्होंने कुल 4.3 लाख करोड़ के शेयर खरीदे थे।यह भी पढ़ें- Trump Reciprocal Tariffs: टैरिफ से मिली छूट से फार्मा शेयरों को लगे पंख, आगे इन स्टॉक्स में दिख सकता है 36% तक का उछालडिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.