ट्रेंडिंग
Trump Tariff : भारत का नुकसान या अमेरिका ने अपने पैरों पर मारी कुल्हाड़ी! - trump reciprocal tariff ... Gold Price: शिखर पर सोना, क्या गहनों की बिक्री पर भी पड़ा है असर? - gold price record high impact on... UPSC NDA Admit Card 2025 Out: यूपीएससी एनडीए का एडमिट कार्ड जारी, upsc.gov.in से ऐसे डाउनलोड करें अप... Credit Card Benefits: गर्मी में ट्रैवल का प्लान? ये 5 क्रेडिट कार्ड फायदे कराएंगे जोरदार बचत - save ... महाराष्ट्र में औरंगजेब के मकबरे की सुरक्षा के लिए ASI उठा रहा सभी जरूरी कदम, केंद्र सरकार ने संसद को... Haryana News: फर्जी BPL परिवारों को चेतावनी! 20 अप्रैल तक कर लें ये काम नहीं तो 2 साल की होगी जेल - ... KKR vs SRH Live Score IPL 2025: कप्तान रहाणे और रघुवंशी ने संभाला मोर्चा, केकेआर का स्कोर 70 के पार ... म्यूचुअल फंडों ने 6 दिन में बेचे ₹16,000 करोड़ के शेयर, अभी कैश में रखा है करीब ₹1.5 लाख करोड़ - mut... Gold Price: ₹9,446 तक सस्ता हो सकता है सोना, निवेश के लिए क्या अब चांदी खरीदना रहेगा सही? - gold pri... Shrimp Stocks: झींगा कंपनियों पर टूटा टैरिफ का कहर, 17% गिरा भाव, इस कारण शेयर बेचने की लगी होड़ - s...

Swiggy को ₹158 करोड़ का टैक्स नोटिस, क्या शेयर पर दिखेगा असर? – swiggy tax notice 158cr dabur mphasis

4

Swiggy Tax Notice : ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी लिमिटेड को आयकर विभाग से 2021-22 के लिए ₹158.25 करोड़ का आयकर नोटिस मिला है। यह आदेश बेंगलुरु के आयकर उपायुक्त ने जारी किया है। इसमें व्यापारियों को किए गए कैंसलेशन शुल्क और टैक्स रिफंड पर ब्याज से जुड़ी गड़बड़ियों का आरोप लगाया गया है।स्विगी ने अपनी बीएसई और एनएसई फाइलिंग में कहा कि कंपनी इस आदेश से असहमत है और इसे आगे चुनौती देगी। कंपनी का कहना है कि उसके पास इस मामले में मजबूत दलीलें हैं और वह अपने हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है।स्विगी ने यह भी बताया कि उसे इस आयकर आदेश से अपनी वित्तीय स्थिति या कामकाज पर कोई बड़ा असर नहीं होने की उम्मीद है। मंगलवार को स्विगी का शेयर बीएसई पर 0.50% की बढ़त के साथ ₹331.55 पर बंद हुआ। स्विगी के शेयरों में इस साल यानी 2025 में अब तक 38.96% की बड़ी गिरावट आई है। वहीं पिछले एक महीने में शेयर में 1.46% की बढ़त दिखी है।संबंधित खबरेंअन्य कंपनियों को टैक्स डिमांड का नोटिसस्विगी अकेली कंपनी नहीं है जो आयकर की जांच का सामना कर रही है। आज ही डाबर इंडिया लिमिटेड ने बताया कि उसे 2017-18 के लिए ₹110.33 करोड़ का आयकर पुनर्मूल्यांकन आदेश मिला है। कंपनी का कहना है कि इसमें से कुछ मांग गलती से हुई थी, क्योंकि पहले से आकलित आय को फिर से जोड़ लिया गया था। इसके अलावा, ₹36.77 करोड़ की मांग बिना उचित चर्चा के की गई, डाबर ने दावा किया।इसी तरह, आईटी सर्विसेज कंपनी एम्फासिस लिमिटेड को भी 31 मार्च को ₹232.37 करोड़ का टैक्स डिमांड नोटिस मिला है, जो विदेशी भुगतान पर टीडीएस से जुड़ा हुआ है।यह भी पढ़ें : Car Price Hike: ग्राहकों को बड़ा झटका, कार कंपनियों ने फिर बढ़ा दिए दाम; जानें पूरी डिटेल

Leave A Reply

Your email address will not be published.