आस्था और भक्ति की यात्रा…अनंत अंबानी की जामनगर से द्वारका तक 170 किलोमीटर की पदयात्रा क्यों है खास? जानें – anant ambani walk 170-km religious padyatra from jamnagar to dwarka know everything
Anant Ambani Padyatra: भारत में पदयात्रा करना साधु-संतों की एक बेहद ही पुरानी परंपरा रही है, जो ईश्वर से जुड़ने का एक आध्यात्मिक तरीका माना जाता है। इसी परंपरा को निभाते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के निदेशक अनंत अंबानी ने भी एक ऐसी ही धार्मिक यात्रा शुरू की है। अनंत अंबानी जामनगर से द्वारका तक की पदयात्रा कर रहे हैं। ये पदयात्रा 180 किलोमीटर की है लेकिन अनंत अंबानी के हौसले अनंत हैं और उनके उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आ रही है। अनंत अंबानी हर दिन करीब 20 किलोमीटर पैदल चल रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि वे अपने 30वें जन्मदिन से एक दिन पहले, यानी 8 अप्रैल को द्वारका पहुँचेंगे।अनंत अंबानी की आस्था की यात्राअनंत अंबानी इस यात्रा में हर कदम पर भगवान द्वारकाधीश की कृपा की कामना कर रहे हैं और सनातन धर्म के मूल्यों का पालन कर रहे हैं। उनकी यह यात्रा किसी दिखावे के लिए नहीं है, बल्कि आत्मिक शांति, एकांत, और भक्ति में डूबकर भगवान की तलाश करने का एक विनम्र प्रयास है। अनंत अंबानी की यह पदयात्रा इसलिए भी खास है क्योंकि वे कई गंभीर बीमारियों से जूझते हुए यह यात्रा कर रहे हैं। उन्हें कुशिंग सिंड्रोम नाम की एक दुर्लभ हार्मोनल बीमारी, अस्थमा, गंभीर फेफड़ों की समस्या जैसी दिक्कतें बचपन से ही रही हैं। उनकी यह यात्रा दिखाती है कि कैसे कोई भय से ऊपर आस्था को रख सकता है। अनंत की यह पदयात्रा सच्चे समर्पण और आत्मिक शक्ति का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।संबंधित खबरेंजामनगर से द्वारका तक कर रहे पदयात्रारिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के निदेशक अनंत अंबानी को उनकी इस यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों का बहुत सम्मान मिल रहा है। कई लोग उनके साथ कुछ दूरी तक पैदल चले, कुछ ने भगवान द्वारकाधीश की तस्वीरें दीं और कुछ लोग अपने घोड़े लेकर फोटो खिंचवाने भी आए। कई लोग रास्ते में उनसे जुड़ गए, कुछ ने भगवान के नाम के स्मृति चिन्ह, आशीर्वाद और प्रार्थनाएं दीं।इस यात्रा को और खास बनाया दो प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरुओं की मौजूदगी ने – धीरेंद्र शास्त्री और रसराज महाराज, जो वैष्णवाचार्य हैं और पुष्टिमार्ग परंपरा से जुड़े हुए हैं। अनंत अंबानी धार्मिक रूप से बहुत आस्थावान हैं। वे बद्रीनाथ, केदारनाथ, कामाख्या, नाथद्वारा, कालीघाट और कुंभ मेले जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कर चुके हैं और वहां दान भी करते हैं। धार्मिक आस्था के साथ-साथ अनंत बिजनेस की दुनिया में भी सक्रिय हैं। वे रिलायंस की रिफाइनरी और नए ऊर्जा प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने वंतारा नाम से एक पशु संरक्षण केंद्र भी शुरू किया है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।