ट्रंप ने बर्फ से ढके अंटार्कटिक द्वीपों पर भी लगाया टैरिफ, आस्ट्रेलिया के पीएम ने कसा तंज – donald trump imposes tariff on heard island and mcdonald islands where nobody lives
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ लगाने में दुनिया के किसी इलाके पर दया नहीं दिखाई है। उन्होंने उन इलाकों पर भी टैरिफ लगाया है, जहां दूर-दूर तक कोई आबादी नहीं है। अंटार्कटिक के दो द्वीप-हर्ड आइलैंड और मैकडोनॉल्ड भी उनके टैरिफ के दायरे में आ गए हैं। बर्फ से ढके इन इलाकों में सिर्फ ग्लेशियर, पेंग्विन और सील नजर आते हैं। ये द्वीप ऑस्ट्रेलिया के बाहरी क्षेत्र माने जाते हैं। इन्हें धरती के सबसे दूरस्थ इलाका माना जाता है। ट्रंप के इन द्वीपों पर टैरिफ लगाने पर आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज ने तंज कसा है।हर्ड आइलैंड और मैकडोनॉल्ड आइलैंड पर 10 फीसदी टैरिफअल्बानीज ने कहा, “धरती पर कोई जगह सुरक्षित नहीं है।” दोनों द्वीपों पर लगाए गए 10 फीसदी टैरिफ से हैरान आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दोस्त का काम नहीं हो सकता। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह इसके जवाब में अमेरिका पर ड्यूटी नहीं लगाएंगे। ये दोनों द्वीप आस्ट्रेलिया से करीब 4,000 किलोमीटर दूर स्थित हैं। वहां पहुंचना बहुत मुश्किल है। यहां सिर्फ पेंग्विन का राज है। यह कई प्रजाती के पक्षियों का भी घर है। आस्ट्रेलिया में पर्थ से यहां पहुंचने में बोट से दो हफ्ते का समय लग जाता है। बीते करीब एक दशक में इनसान ने यहां कदम नहीं रखा है।संबंधित खबरेंदोनों द्वीपों पर 1953 से आस्ट्रेलिया का नियंत्रणइन दोनों द्वीप पर 1953 से ही आस्ट्रेलिया का नियंत्रण है। बताया जाता है कि ट्रंप ने सिर्फ इन दो आस्ट्रेलियाई द्वीपों पर ही टैरिफ नहीं लगाया है। उन्होंने क्रिसमस आइलैंड और कोकोस कीलिंग आइलैंड पर भी टैरिफ लगाया है। नॉरफोक आइलेंड पर तो 29 फीसदी टैरिफ लगाया गया है। अंटार्कटिक संधि के तहत इस इलाके में कई तरह के वैज्ञानिक रिसर्च से जुड़े काम चलते रहते हैं। इन इलाकों में आस्ट्रेलिया को छोड़ किसी दूसरे देश की दिलचस्पी नहीं रहती है। इसकी वजह यह है कि यहां इनसान का रहना नामुमकिन है।छोटे-बड़े 180 देशों पर 10 से 50 फीसदी तक टैरिफट्रंप ने 2 अप्रैल को करीब 180 देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान किया। इसमें 10 फीसदी से लेकर 50 फीसदी तक टैरिफ शामिल है। इनमें छोटे-बड़े देश शामिल हैं। इनमें कई ऐसे देश भी शामिल हैं, जो शायद ही अमेरिका को किसी गुड्स का निर्यात करते होंगे। हालांकि, अमेरिका के इस टैरिफ का सबसे ज्यादा निशाना चीन है, जो काफी ज्यादा गुड्स का एक्सपोर्ट अमेरिका को करता है। अमेरिका ने उस पर इंडिया से ज्यादा टैरिफ लगाया है। माना जा रहा है कि इसका चीन की इकोनॉमी पर काफी असर पड़ेगा।