Trump Tariffs: ट्रंप टैरिफ को ‘झटका’ नहीं मानती भारत सरकार, इस नियम के तहत छूट की जताई उम्मीद – india sees no setback in trump 26 percent reciprocal tariff hopes exemption from us tariff under clause 4
Trump Tariffs: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 26% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। हालांकि भारत सरकार इस फैसले को “कोई झटका नहीं” मान रही है और आगे चलकर टैरिफ से छूट मिलने की उम्मीद कर रही है। भारत को इस एग्जिक्यूटिव ऑर्डर के क्लॉज 4 के तहत छूट पाने की उम्मीद है। कॉमर्स मिनिस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, भारत और दूसरे देशों पर 10% टैरिफ 5 अप्रैल से लागू हो सकता है। जबकि बाकी 16% टैरिफ को 10 अप्रैल से लगाया जा सकता है।सरकार की रणनीति और समीक्षा बैठकेंटैरिफ के प्रभावों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने एक कंट्रोल रूम बनाया है। सरकार का मानना है कि ये शुल्क कुछ सेक्टर्स पर असर डाल सकते हैं, जबकि कुछ सेक्टर्स को इसका फायदा भी हो सकता है।कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्ट्री के सीनियर अधिकारी 3 अप्रैल की सुबह 3 बजे से लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। उनका कहना है कि अमेरिका के विभिन्न देशों पर लगाए गए टैरिफ की समीक्षा की जा रही है और अगर भारत अमेरिकी चिंताओं को हल करने में सफल रहता है, तो उसे टैरिफ से छूट मिल सकती है।संबंधित खबरेंछूट मिलने की संभावना क्यों?भारत ट्रपं के एग्जिक्यूटिव आदेश के क्लॉज 4 के सेक्शन C से उम्मीद कर रहा है, जिसमें कहा गया है कि अगर कोई देश नॉन-रेसिप्रोकल सिस्टम को ठीक करने और आर्थिक व राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में अमेरिका के मुताबिक कदम उठाने के लिए गंभीर प्रयास करता है, तो अमेरिकी प्रशासन टैरिफ को सीमित या कम करने के लिए तैयार रहेगा।व्हाइट हाउस में ट्रंप का ऐलानडोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में भारत समेत दुनिया के करीब 180 देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की योजना का ऐलान किया। प्रेस को संबोधित करते हुए उन्होंने एक चार्ट दिखाया, जिसमें यह दिखाया गया कि अमेरिका अब भारतीय सामानों के आयात पर 26% इंपोर्ट ट्यूटी लगाएगा।इसके अलावा चार्ट में चीन पर 34% का अतिरिक्त टैरिफ, यूरोपीय यूनियन पर 20% टैरिफ, जापान पर 24% टैरिफ और ताइवान पर 32% का टैरिफ लगाने का ऐलान किया गया। ट्रंप ने कहा कि भारत को “डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ” यानी 26% शुल्क देना होगा।ट्रंप का बयानट्रंप ने भारत के खिलाफ टैरिफ बढ़ाने के पीछे का कारण बताते हुए कहा, “भारत, बहुत कठिन देश है। बहुत कठिन। प्रधानमंत्री अभी-अभी गए हैं। वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, लेकिन मैंने उनसे कहा कि आप मेरे दोस्त हैं, लेकिन आप हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं। वे हमसे 52% टैक्स वसूलते हैं। आपको समझना होगा, हम उनसे सालों तक लगभग कुछ भी चार्ज नहीं कर रहे थे। सात साल पहले जब मैंने राष्ट्रपति पद संभाला, तो हमने चीन से शुरुआत की और सैकड़ों अरब डॉलर के टैरिफ वसूले।”बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फरवरी में वाशिंगटन डीसी की यात्रा पर गए थे, जहां भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय समझौते पर तेजी से काम करने और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई थी।यह भी पढ़ें- ट्रंप ने भारत समेत 180 देशों पर लगाया रेसिप्रोकल टैरिफ, देखें पूरी लिस्ट; एशिया पर सबसे अधिक मारडिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।